कभी करोड़ों की दौलत के मालिक रहे एटा के 70 वर्षीय व्यापारी राजकुमार सक्सेना की जब अस्पताल में सांसें थमीं तो उनका शव 72 घंटे तक लावारिसों की तरह मोर्चरी में पड़ा रहा। भरा-पूरा परिवार होने के बावजूद जब पुलिस ने उनके बच्चों से संपर्क किया तो बेटे ने यह कहकर आने से मना कर दिया कि 20 साल पहले ही उनके सारे रिश्ते खत्म हो चुके थे। दरअसल दो दशक पहले हुए पारिवारिक विवाद में उन्होंने अपनी पत्नी और चारों बच्चों को जायदाद में हिस्सा देने से इनकार कर दिया था जिसके बाद परिवार उन्हें छोड़कर चला गया। अकेलेपन में राजकुमार ने अपनी सारी संपत्ति बेच दी कर्ज के जाल में फंसते चले गए और पिछले 5 साल एक वृद्धाश्रम में काटने को मजबूर हुए। अस्पताल में इलाज के दौरान जब उनकी मौत हुई तो किसी अपने ने कंधा तक नहीं दिया और आखिरकार एक समाजसेवी संस्था ने आगे आकर उनका अंतिम संस्कार किया। 🤔😱😭
कभी करोड़ो के मालिक रहे बजुर्ग का शव लेने से भी परिवारजन ने किया इनकार।
