85 दिन, 2 बार सौदा और नरक जैसी जिंदगी: मुजफ्फरपुर की छात्रा की रोंगटे खड़े कर देने वाली सच्ची दास्तां!😱
बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली 12वीं की एक छात्रा को भाई की डांट से नाराज होकर घर छोड़ने के बाद मानव तस्करों ने अपने जाल में फंसा लिया था। वह 85 दिनों तक नरक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर रही। आखिरकार मुजफ्फरपुर पुलिस की महिला सब-इंस्पेक्टर (SI) पूजा कुमारी ने अपनी टीम के साथ भागलपुर के रेड लाइट एरिया में एक साहसिक ऑपरेशन चलाकर उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया
मुजफ्फरपुर के गायघाट इलाके की रहने वाली यह छात्रा 10 मई को अपने भाई की डांट से नाराज होकर गुस्से में घर से निकल गई थी।
वह मुजफ्फरपुर जंक्शन (रेलवे स्टेशन) पर बैठकर रो रही थी। तभी वहां एक मानव तस्कर (युवक) ने उसे अकेला और परेशान देखकर सहानुभूति जताई। (सोशल मीडिया पोस्ट में इंस्टाग्राम के दोस्त का जिक्र है, जबकि पुलिस जांच के अनुसार उसे स्टेशन पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर फंसाया गया था)
जब छात्रा घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने 12 मई को गायघाट थाने में अपहरण की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई
तस्कर उसे बहला-फुसलाकर कोलकाता ले गए, जहां उसे रेड लाइट एरिया (सोनागाछी) में बेच दिया गया। वहां विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई, कमरे में बंद रखा गया और नशीली दवाएं देकर उसका शारीरिक व यौन शोषण किया गया
भागलपुर में दूसरी बिक्री: करीब एक महीने बाद कोलकाता के तस्करों ने उसे बिहार के ही भागलपुर जिले के ईशीपुर बरहट थाना क्षेत्र स्थित सिवानपुर (बेलटीकरी) रेड लाइट एरिया में मोटी रकम में दोबारा बेच दिया। तस्कर उसे तीसरी जगह बेचने की भी तैयारी कर रहे थे
मुजफ्फरपुर के तत्कालीन एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। केस की जांच अधिकारी (IO) महिला सब-इंस्पेक्टर पूजा कुमारी लगातार तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों के जरिए सुराग जुटा रही थीं। पुलिस ने पीड़िता की तस्वीर को मानव तस्करी से जुड़े संभावित ठिकानों और गुप्त सूत्रों तक फैलाया, जिससे पुष्टि हुई कि लड़की भागलपुर के सिवानपुर में कैद है।
52 मिनट का संघर्ष…..सुराग मिलते ही मुजफ्फरपुर पुलिस की टीम भागलपुर के उस संदिग्ध ठिकाने पर पहुंची।
पिस्तौल तानकर बचाया….. छापेमारी के दौरान स्थानीय मानव तस्करों और कोठा संचालकों ने पुलिस टीम को घेर लिया, उनके साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू कर दी। हालात बिगड़ते देख जांबाज महिला SI पूजा कुमारी ने आत्मरक्षा में अपनी सर्विस पिस्टल निकाल ली और तस्करों पर तान दी। पुलिस के इस कड़े तेवर को देख तस्कर पीछे हटे और करीब 52 मिनट चले इस ऑपरेशन में छात्रा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
इस बहादुरी भरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पुलिस को उसी घर से नालंदा जिले की एक और अपहृत नाबालिग लड़की मिली, जिसने रोते हुए पुलिस से मदद मांगी। पुलिस टीम ने उसे भी तस्करों के चंगुल से सुरक्षित मुक्त कराया और नालंदा पुलिस को सूचित किया
रेस्क्यू के बाद दोनों लड़कियों को मुजफ्फरपुर लाया गया। पीड़िता का कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया गया, जहां उसने अपनी बड़ी बहन के साथ रहने की इच्छा जताई। पुलिस ने उसे काउंसलिंग के बाद परिजनों को सौंप दिया है और इस अंतरराज्यीय मानव तस्करी नेटवर्क (Interstate Human Trafficking Network) से जुड़े अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है
यह घटना हर उस युवा और बच्ची के लिए एक गंभीर सबक है जो गुस्से में या सोशल मीडिया/अजनबियों के झांसे में आकर घर छोड़ने की गलती कर बैठते हैं।
सीख: एक पल का गुस्सा, जीवन भर का रोना! अपनों से रूठें, पर अजनबियों पर भरोसा कभी न करें।
