मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र में एक निजी स्कूल संचालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौ *त के मामले में शुरुआती तौर पर इसे सांप के काटने की घटना माना गया था। लेकिन जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने दावा किया कि मामला सिर्फ एक हादसा नहीं था। पुलिस के अनुसार, जांच में पत्नी, स्कूल वैन चालक और कुछ अन्य लोगों की कथित भूमिका सामने आई है। आरोप है कि पूरी योजना पहले से बनाई गई थी और इसी आधार पर कई लोगों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि जब रिश्तों में भरोसे की जगह छल, गुस्सा या छिपे हुए संबंध ले लेते हैं, तो उसका असर सिर्फ दो लोगों तक सीमित नहीं रहता। सबसे बड़ी कीमत अक्सर पूरा परिवार चुकाता है माता-पिता, बच्चे और वे लोग भी, जिनका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं होता।
किसी भी रिश्ते में मतभेद होना स्वाभाविक है। लेकिन अगर साथ रहना संभव न हो, तो बातचीत, कानूनी रास्ता या अलग होने का फैसला हमेशा बेहतर विकल्प है। किसी भी परिस्थिति में कानून अपने हाथ में लेना या किसी के जीवन के साथ खिलवाड़ करना न तो समस्या का समाधान है और न ही किसी का भविष्य बेहतर बनाता है।
