स्वर्गीय श्री मनेन्द्र सिंह सजवान के नेत्रदान से दो नेत्रहीनों को मिलेगी नई रोशनी
दिनांक 19.07.2026 को श्री मनेद्र सिंह सजवान (62 वर्ष) आवास विकास, रूडकी निवासी के निधन के बाद उनके बेटों श्री निखिल सजवान, श्री जितेन्द्र सिंह सजवान ने अपने पिता जी की आँखें दान करने की इच्छा जाहिर की और निर्मल आश्रम नेत्र संस्थान को सूचना दी | संस्थान की टीम डॉ. मनिका और श्री मक्रेंदु ने आवास पर पहुंचकर सफलतापूर्वक कार्निया प्राप्त किए | उस वक्त परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे| परिवार ने मानवता और सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए नेत्रदान कराया| इस नेत्रदान के माध्यम से अब दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी आएगी और वे इस सुन्दर संसार को देख सकेंगे और निर्मल आश्रम नेत्र संस्थान प्रशासन ने परिवार की सेवा भावना और सामाजिक जागरूकता की सराहना करते हुए कहा की नेत्रदान महादान है, जो किसी व्यक्ति को नया जीवन देने के सामान है | संस्थान ने लोगों से अपील की कि मृत्यु के बाद नेत्रदान के लिए आगे आयें, ताकि हजारों नेत्रहीनो लोगों के जीवन में उजाला लाया जा सके|
नेत्रदान के लिए आवश्यक बातें |
मृत्यु के छह घंटें के भीतर आँखें दान की जा सकती हैं |
इस दौरान मृतक की आँखें बंद रखनी चाहिए, उन पर गीली रुई रखनी चाहिये तथा कमरे में पंखा बंद और यदि संभव हो तो एसी चालू रखना चाहिए | सिर के नीचे तकिया रखने से भी प्रक्रिया में सहायता मिलती |
नेत्रदान करने के लिए संपर्क कर सकतें हैं | +91-9837607526
