हमारे देश में खुले आम ये क्या हो रहा है 🚨 वाराणसी के मीना और गुंजन केस!
2 केस… 1 #खौफनाक पैटर्न… इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला!
◾23 नामजद आरोपी, कई #गिरफ्तारियां, SIT जांच… लेकिन इंसाफ की लड़ाई अभी बाकी है।
क्या ऐसे अपराधियों को #उम्रकैद नहीं, सीधी फांसी मिलनी चाहिए? 💔
जो बातें जांच में सामने आईं:-
▪️29 मार्च 2025 को युवती घर से लापता हुई। 4 अप्रैल को पुलिस ने उसे उसकी सहेली के घर से बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। 6 अप्रैल को परिजनों की शिकायत पर युवती ने आरोप लगाया कि गुमशुदगी के दौरान अलग-अलग जगहों पर कई लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद पुलिस ने 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया और 7 दिनों के भीतर 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
▪️SIT जांच में CCTV फुटेज, CDR, Instagram IP लॉग, मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई। रिपोर्ट में उल्लेख है कि गुमशुदगी के दौरान पीड़िता कई स्थानों पर अलग-अलग आरोपियों के साथ देखी गई और उसने कई लोगों के फोन से Instagram व कॉल का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत पीड़िता के बयान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। SIT ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए निष्पक्ष विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए।
दो अलग-अलग मामलों में लगे गंभीर आरोपों ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े किए। पुलिस ने जांच शुरू की, कई आरोपियों को गिरफ्तार किया और मामले की जांच आगे बढ़ाई। अब पूरे देश की नजर न्यायिक प्रक्रिया और अदालत के अंतिम फैसले पर है।⚖️
