मासिक काव्य गोष्ठी एवम् पुस्तक विमोचन
महिला काव्य मंच
रुड़की इकाई
उत्तराखंड -1
रविवार,7 जून सांय 5 बजे होटल दीप रेसीडेंसी में महिला काव्य मंच रुड़की इकाई की मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। महिला काव्य मंच की सक्रिय सदस्य अलका घनशाला और नन्ही अतिथि अलकनंदनी सिंह द्वारा प्रस्तुत सुरीली सरस्वती वंदना के साथ आरम्भ हुए इस कार्यक्रम में रचनाकार अनन्या त्यागी की पुस्तक “दी मिरर ऑफ एजुकेशन” का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम “दी ग्राम टुडे” मीडिया समूह के प्रधान संपादक डॉक्टर शिवेश्वर दत्त पांडे की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि श्री सुबोध कुमार पुंडीर “सरित”रहे। मुख्य वक्ता श्री सुरेंद्र सैनी और विशिष्ट अतिथि नवीन शरण “निश्चल” रहे।
इसी कार्यक्रम में इकाई अध्यक्ष अर्चना त्यागी ने हाल ही में प्रकाशित हुए अपने पहले उपन्यास “शबनम के शगूफे” की एक एक प्रति सभी अतिथियों को भेंट की।
दी ग्राम टुडे मीडिया समूह की ओर से सभी साहित्यकारों को “साहित्य सेवी” सम्मान पत्र और साहित्य के अतिरिक्त कार्यक्रम में योगदान हेतु “गंगा सेवा मिशन” सम्मान पत्र डॉक्टर शिवेश्वर दत्त पांडे जी द्वारा प्रदान किए गए।
अनन्या त्यागी कक्षा नौ की छात्रा हैं और वर्तमान शिक्षा पद्धति पर उन्होंने अपनी पुस्तक लिखी है। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन इकाई अध्यक्ष अर्चना त्यागी द्वारा किया गया। काव्य गोष्ठी का सरस संचालन स्वयं अनन्या त्यागी ने किया। महिला काव्य मंच की सभी कवयित्रियों की कविताओं को भरपूर सराहना मिली। उत्तराखंड की वादियों से लेकर देशभक्ति के जज़्बे तक सभी रंग कविताओं में नज़र आए। वीना सिंह, निधि जैन, श्रद्धा हिंदू, कविता गोयल, मृणालिनी शर्मा, ममता चंद्रा, अलका घनशाला, अनुपमा गुप्ता, बुशरा तबस्सुम, अर्चना त्यागी, अनन्या त्यागी सहित सभी अतिथियों ने भी अपनी प्रतिनिधि काव्य रचनाएं प्रस्तुत की।
कविता गोयल की कविता घोंसला, बुशरा तबस्सुम की कविता बेटियां, ममता चंद्रा एवम् उनकी पुत्री वागीशा की काव्य प्रस्तुति और अलका घनशाला के प्रेम गीत को विशेष रूप से सराहा गया। इकाई अध्यक्ष अर्चना त्यागी ने मंच की कवयित्रियों के सहयोग और समन्वयन की भरपूर सराहना की साथ ही अतिथियों के रूप में उपस्थित नव सृजन संस्था की कार्यकारिणी के सदस्यों को विशेष रूप से धन्यवाद कहा। औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन अनन्या त्यागी के शिक्षक अमित कुमार जी द्वारा किया गया। पुस्तक लेखन में उनके मार्गदर्शक रहे श्री सतीश कुमार त्यागी ने कहा कि अनन्या त्यागी में एक सशक्त लेखक बनने की अपार संभावनाएं हैं।
अनन्या त्यागी के माता पिता पारुल त्यागी और विनेश त्यागी ने महिला काव्य मंच रुड़की इकाई के इस आयोजन की प्रशंसा करते हुए अपना आभार व्यक्त किया।पूरे कार्यक्रम में फ़ोटोग्राफ़ी व वीडियो ग्राफी में निधि जैन का सहयोग डॉ. वागीशा ने किया
अर्चना त्यागी
अध्यक्ष महिला काव्य मंच
रुड़की इकाई उत्तराखंड -1
