बिहार के सहरसा में दुकानदार के तीन बच्चों ने साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और कड़ी मेहनत से आर्थिक तंगी को दूर किया जा सकता है। एक साधारण परिवार के तीन भाई-बहनों ने, जो कोटा या दिल्ली में महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते थे, एक साथ नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) पास किया है। उन्होंने साबित किया है कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। सहरसा के गांव तुलसियाही के रहने वाले किराना दुकानदार के बड़े बेटे रजनीश कुमार ने नीट परीक्षा में 633 अंक प्राप्त किया। बहन साक्षी कुमारी को 601 अंक मिले जबकि छोटे बेटे प्रह्लाद कुमार ने 565 अंक प्राप्त किए हैं। रजनीश कुमार, प्रह्लाद कुमार और उनकी बहन साक्षी ने अपने गृहनगर सहरसा में ही तैयारी करके यह उपलब्धि हासिल की। उनकी शानदार सफलता पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है और देश भर के हजारों NEET उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। रोहित आनंद और उनकी पत्नी पूनम देवी ने कहा कि उन्होंने अपने बच्चों को ईमानदारी से बता दिया था कि वे उन्हें कोचिंग के लिए जिले से बाहर भेजने का खर्च नहीं उठा सकते। हालांकि, उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे उनकी शिक्षा में मदद के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इसके बाद भाई-बहनों ने सहरसा के एक स्थानीय कोचिंग संस्थान में दाखिला लिया।
*एक साधारण परिवार के तीन भाई-बहनों ने, जो कोटा या दिल्ली में महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते थे, एक साथ नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) पास किया*
