*आरपीएफ के जवानों ने महिला की सहायता करने वाले रेलवे अधिकारी के साथ किया अभद्र व्यवहार।*

आगरा कैंट स्टेशन पर एक महिला यात्री की जान जोखिम में पड़ गई जब वह हीराकुंड एक्सप्रेस में चढ़ने का प्रयास कर रही थी। डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर ने महिला की जान बचाई और ट्रेन को रुकवा दिया। लेकिन इस दौरान आरपीएफ कर्मियों के साथ उनकी बहस हो गई। इसके बाद आरपीएफ जवानों ने डिप्टी एसएस को घसीटते हुए थाने ले जाने का प्रयास किया। आरपीएफ कर्मियों के द्वारा इस प्रकार का अभद्र व्यवहार क्या दर्शाता है क्या यही सच्ची सेवा है। इसी प्रकार से करेंगे देश की सेवा। विभागीय अधिकारी के द्वारा एक महिला की सहायता करना क्या कोई जुर्म है ऐसे बहुत से सवाल खड़े होते हैं। इसको सेवा भाव का नाम दिया जाएगा या फिर दबंगई का।

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