हरिद्वार। विश्व प्रसिद्ध कांवड़ मेला 2026 की तैयारियों को लेकर मेला नियंत्रण कक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।हरिद्वार में 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले कांवड़ यात्रा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता जनपद के प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने की। इस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कांवड़ मेले से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मेला प्रारंभ होने से पहले सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और भीड़ नियंत्रण सहित सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि करोड़ों शिवभक्तों की आस्था से जुड़े इस महापर्व के सफल आयोजन के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
बैठक में यातायात व्यवस्था को लेकर रूट डायवर्जन, पार्किंग स्थलों, वन-वे व्यवस्था तथा संवेदनशील मार्गों की समीक्षा की गई। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों, बैरिकेडिंग और ड्रोन निगरानी जैसी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को विभिन्न स्थानों पर अस्थायी स्वास्थ्य शिविर, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को भी पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा गया।
बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि कांवड़ मेला केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश की आस्था का प्रतीक है। हरिद्वार आने वाले प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित, सुगम और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन करते हुए सभी तैयारियां समय से पहले पूर्ण करने को कहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार कांवड़ मेले के सफल आयोजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराएं।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, जल संस्थान, नगर निगम, खाद्य पूर्ति विभाग सहित सभी संबंधित एजेंसियों को अपने-अपने कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही गंगा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ एवं हरित कांवड़ मेले के आयोजन पर भी विशेष जोर दिया गया।
प्रशासन का लक्ष्य है कि कांवड़ यात्रा प्रारंभ होने से पहले सभी तैयारियों को अंतिम रूप देकर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
