*SDRF उत्तराखण्ड – सेवा, सुरक्षा एवं समर्पणघने कोहरे, अंधेरे एवं बारिश के बीच SDRF ने 15 सदस्यीय ट्रैकिंग दल का सकुशल रेस्क्यू किया*

आज दिनांक 11 जून 2026 को थाना श्री बद्रीनाथ के माध्यम से SDRF टीम को सूचना प्राप्त हुई कि जोशीमठ स्थित ड्रोन एडवेंचर ट्रैकिंग कंपनी के संचालक श्री नरेंद्र सिंह रावत अपने 15 सदस्यीय ट्रैकिंग दल के साथ 04 जून 2026 को घमसाली से श्री बद्रीनाथ के लिए ट्रैकिंग पर निकले थे। ट्रैकिंग के दौरान दल मुछुकुंद गुफा के ऊपरी पर्वतीय क्षेत्र स्थित “मूसा पानी” के समीप सरस्वती नदी के पार घने कोहरे एवं प्रतिकूल मौसम के कारण रास्ता भटक गया था।
दल के सदस्य टॉर्च की रोशनी एवं आवाज लगाकर सहायता की गुहार कर रहे थे, जिस पर क्षेत्र में गश्त कर रहे ITBP के जवानों की नजर पड़ी। ITBP द्वारा तत्काल थाना श्री बद्रीनाथ को सूचना दी गई, जिसके उपरांत थाना पुलिस द्वारा SDRF प्रभारी SI पंकज सिंह खरोला को अवगत कराया गया।
सूचना प्राप्त होते ही SDRF टीम AdSI दीपक मेहता के नेतृत्व में आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई। लगातार हो रही बारिश, घने कोहरे, दुर्गम पर्वतीय मार्ग के बीच टीम ने सर्वप्रथम ट्रैकिंग दल की सटीक लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद सरस्वती नदी के पार कोहरे के बीच ट्रैकर्स की हलचल दिखाई दी। टीम द्वारा सीटी, टॉर्च एवं आवाज के माध्यम से उन्हें संकेत दिए गए तथा सुरक्षित मार्ग का चयन करते हुए लगभग डेढ़ घंटे के कठिन प्रयास के बाद उनके पास पहुंच बनाई गई।
घटनास्थल पर पहुंचते ही SDRF जवानों ने ट्रैकर्स का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि वे पूर्णतः सुरक्षित हैं तथा घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके उपरांत SDRF एवं ITBP की संयुक्त टीम द्वारा सभी ट्रैकर्स को सुरक्षित निकालकर वापस माना की ओर लाया गया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान ट्रैकिंग दल में शामिल 75 वर्षीय बुजुर्ग श्री उदय प्रांजल को चलने-फिरने में अत्यधिक कठिनाई हो रही थी। SDRF टीम द्वारा उन्हें पूरे मार्ग में विशेष सहायता एवं सहारा प्रदान करते हुए सुरक्षित रूप से पैदल निकालकर माना तक पहुंचाया गया। तत्पश्चात सभी 15 ट्रैकर्स को सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
सफल रेस्क्यू अभियान के उपरांत ट्रैकिंग दल के लीडर एवं ड्रोन एडवेंचर ट्रैकिंग कंपनी के संचालक नरेंद्र सिंह रावत ने SDRF एवं ITBP की त्वरित कार्यवाही, साहस, समर्पण एवं मानवीय सेवा भावना की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए पूरी टीम का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
उत्तराखण्ड SDRF विपरीत परिस्थितियों, दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों एवं प्रतिकूल मौसम में भी जनसेवा, मानव जीवन की सुरक्षा एवं आपदा राहत कार्यों के प्रति अपने संकल्प के साथ निरंतर तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। :::

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